
वह एक ऊँची पहाड़ी के तालाब पर धुंध में लटके फफोले के स्तम्भ पर उतरे दर्पण जैसे शिंगु के ऊपर झटके बिना पैदल खड़ी है। उसके पैर नीचे नहीं हैं, बल्कि ऊपर उठे हुए हैं। उसके घुटने के नीचे एक नीली जूती है, जबकि अंगूठे के पीछे एक हल्का साइड बॉन था, जो उसके घुटने से ऊपर जाता है। उसके हाथ में एक छोटा सा धधक धड़कने वाली धड़कन थी। उसके चेहरे पर एक हल्का सीन था, और उसकी आँखों में एक ऐसी गहराई थी, जैसे वह कुछ कह रही हो। उसके पीछे, पहाड़ों की ओर एक छायावाला भाग था, जहाँ धुंध में कुछ देखने योग्य चीजें थीं। दृश्य को एक ऐसे रंग की ओर ले जाने की जरूरत थी, जिससे इसे एक ऐसा दृश्य बन जाए, जैसे कि इसे एक ऐसे चित्र के रूप में दिखाया गया हो, जिसमें धुंध में एक छोटा सा तारा दिखाई दे।