
एक नवजागरण की पूर्व की युवती सुंदर रूप से रेगिस्तान की भूमि पर खड़ी है, उसकी लंबी धूप से गहरी काली छोटी बाल पीछे से झील रही है और उसकी मुखरिच से आँखों की ओर फैली हुई है। उसके पास एक छोटा सा, फटा हुआ हरित हरित का साड़ी है जिसके बाहरी भाग पर चमकदार सुनहरी कला है। उसका मुख गहरे लाल रंग का है, उसकी आँखों में धुंधली चमक है, और उसकी गले पर एक सुनहरी बिंदुई है। उसकी अभिव्यक्ति सोच कर है और उसकी आँखें दर्शक की ओर दृष्टि रखती है। उसके पैर खुले हैं और उसकी चेहरे पर एक सुंदर चमकदार रंग है। पीछे का पृष्ठ धुंधला है और उसके पीछे एक सूखी भूमि है।