एक छोटी सी भारतीय महिला, नरम प्रकाश वाले बीचम कमरे में खड़ी हुई है, उसके पीछे धुंधले काले अंगुलियाँ साइड से दौड़ रहे हैं। उसकी आँखों में दृष्टि है, उसके हाथों के ऊपर चाहे कुछ भी लगता है। उसके घर में उसके बचपन की याद आती है।