
सूर्य अपनी कांति को खो देता है, और इसकी छाया के बीच एक बृहस्पति के आकार की भाँति उठती है। यह एक विशाल और अद्भुत दृश्य है जिसमें प्रकाश की एक धारा आगे बढ़ती है, और उसके पीछे एक असामान्य छाया उभरती है। यह एक प्राकृतिक घटना है जिसमें सूर्य अपने आधार से बाहर आता है और उसके पीछे एक छाया उभरती है जो बृहस्पति के आकार में दिखती है। यह एक अद्भुत और अद्वितीय दृश्य है जिसमें प्रकाश की एक धारा आगे बढ़ती है, और उसके पीछे एक असामान्य छाया उभरती है।