
1:1, गतिशील उड़ान और भाप: सफ़ेद लाकरी की पाकिनी मूर्तियाँ एक उड़ते हुए बन्दर के फिरे टुकड़ों का अंधा पकड़ रही हैं, जो भाप उनकी ओर छाप बनकर उर्फ ओरिगामी बन जाती हैं। नीचे की कटिंग बोल में छिछोरे हरे धनिया के पत्ते और सेशमी दाल के बिछड़े हुए खंभे दिखाई देते हैं। काले पीले की गहरी आभास पीले पीले के पीछे गहरी अंधेरी आग की तरह छा जाती है। कैनन EOS R5 पर खींचा गया, 8K, सिनेमाटिक, स्तरीय गहराई, कणों पर गतिशील धुंधलापन, भाप पर रिम-लाइटिंग।