
देवतापूर्ण इशारे से आँखों में प्रभु की याद करते हुए किसी को अपने सम्मुख रख लेना चाहिए। उसके पीछे कोई अग्निदेव हो जिसका ध्यान सदा सुरक्षित रहे। इसके बाद कोई अनुभवी संत के साथ एक दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। फिर उसके पीछे कोई देवी-देवता की आशीर्वाद देने वाली शक्ति के साथ एक अच्छी आशा और आशीर्वाद लेना चाहिए। उसके बाद कोई अनुभवी संत और उनके साथ एक दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। फिर उसके पीछे कोई देवी-देवता की आशीर्वाद देने वाली शक्ति के साथ एक अच्छी आशा और आशीर्वाद लेना चाहिए। उसके बाद कोई अनुभवी संत और उनके साथ एक दृढ़ संकल्प लेना चाहिए। फिर उसके पीछे कोई देवी-देवता की आशीर्वाद देने वाली शक्ति के साथ एक अच्छी आशा और आशीर्वाद लेना चाहिए।