
प्रातः वैन्टिक टोक्यो किस्साटेन कैफे में एक छोटी सी लड़की लकीर से बनी हुई है और उसके बड़े गोल दोनों छाल और सूक्ष्म शरीर का आकार है। उसके पीछे एक मनुष्य गर्म लाल गुलाब धूल से भीगे हुए हैं। कैमरा उसके सीन से चेहरे तक का अंतरिक्ष देखता है जिसका दृश्य घनिष्ठ है। कैमरा उसकी हाथों पर जाकर देखता है, जो गुलाब के झंझट में गिर रहे हैं। उसके चेहरे के चारों ओर बारिश और गर्म प्रकाश की प्रवाह दिख रही है। कैफे का गर्म पीला प्रकाश और ठंडी बारिश के ठण्डे रंगों का संयोजन है। मॉडरेट ब्राउन और धीमे हरे रंग इसका अंतर्निहित स्वरूप है। गर्म प्रकाश के बीच धीमी गति से गुलाब के लाल झुके हुए झुर्रियों को देखा जाता है। मोटे और धीमे प्रकाश में अधिक गहराई का संयोजन है।