
एक वृद्ध आदमी, जिसके परिवेश में उत्पन्न हुई चमक है, जो फिर भी अपने स्टाइल के बावजूद अद्भुत रहता है, उसकी चेहरे पर एक छोटा सा स्माइल है, जो उसके दिमाग के बारे में एक प्रकाश डालता है। उसके पीछे एक चालीस वर्ष के बचपन की तस्वीर है, जो उसके आदमी की आत्मा की खुशबू को दिखाती है। यह एक ऐसा समय है, जब वह अपने आप को आज के युग से जोड़ने के लिए तैयार था, और अपने आशिषों को आज के युग में बहुत सारा समय देने के लिए तैयार था। यह उस आत्मा की तस्वीर है, जिसकी पहली बार पहचान हुई थी चालीस वर्ष पहले, और आज यह उसी आत्मा है, जो आज की युग में अपनी खुशबू को बहुत ज्यादा समय देने के लिए तैयार है। यह उस आत्मा की तस्वीर है, जिसकी पहली बार पहचान हुई थी चालीस वर्ष पहले, और आज यह उसी आत्मा है, जो आज की युग में अपनी खुशबू को बहुत ज्यादा समय देने के लिए तैयार है।